शुक्रवार, 5 नवंबर 2021
नवगछिया: अभाविप ने काली मेला में लगाया निःशुल्क सेवा शिविर
रविवार, 31 अक्टूबर 2021
नवगछिया: आरपीएफ, जीआरपी और एनसीसी ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ, सरदार पटेल को अर्पित की पुष्पांजलि
शनिवार, 30 अक्टूबर 2021
नवगछिया: श्रेयान ज्वेलर्स में हुई 1.70 लाख के आभूषणों और 12 हजार नगद व 3 मोबाइल की चोरी
सर्राफ कॉलेज का कार्यालय खादी भंडार में हुआ स्थानांतरित
नवगछिया: स्टेशन व ट्रेन में चला टिकट जांच अभियान, 421 रेल यात्रियों से वसूला गया लगभग दो लाख जुर्माना
स्टेट बैंक नवगछिया बाजार शाखा के प्रबंधक को दी गई भावभीनी विदाई
गुरुवार, 27 फ़रवरी 2020
साप्ताहिक शिविर की सीख को अपने जीवन में आत्मसात करें- दीपो महतो
सोमवार, 23 दिसंबर 2019
ये है झारखंड विधानसभा चुनाव परिणाम की ताजा स्थिति
शनिवार, 7 जनवरी 2017
मौसम समाचार : भागलपुर सहित पूरे बिहार में 15 जनवरी तक लगातार बढ़ सकती है ठंड
नव-बिहार न्यूज नेटवर्क, भागलपुर। बिहार के अधिकांश शहरी और मैदानी इलाकों में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। पटना, कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया, नवगछिया और भागलपुर इन क्षेत्रों में आज का न्यूनतम तापमान लगभग 12 डिग्री और अधिकतम 19 से 20 डिग्री रहने की संभावना है। यह अलग बात है कि आज 9:00 बजे तक कुहासा और बादल के बाद हल्की धूप निकल सकती है और दिन भर आसमान साफ रहेगा।
मौसम विज्ञान के अनुसार आज जैसी ही ठंड भरा मौसम सोमवार तक रह सकता है। इसके बाद 10 जनवरी से लगातार 15 - 16 जनवरी तक न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान में गिरावट आने की पूरी संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान घटकर पटना में 7 डिग्री सेल्सियस, खगड़िया, पूर्णिया, कटिहार और भागलपुर में 8 डिग्री सेल्सियस हो जाने की संभावना है। इसके साथ ही अधिकतम तापमान 15 से 16 डिग्री रहने का अनुमान है।
शुक्रवार, 6 जनवरी 2017
दिग्गज अभिनेता ओमपुरी का निधन, शाम 6 बजे होगा अंतिम संस्कार
दिग्गज अभिनेता ओमपुरी का निधन, शाम 6 बजे होगा अंतिम संस्कार
नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता ओम पुरी नहीं रहे. शुक्रवार सुबह अपने घर में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया. वह 66 साल के थे. उनके परिवार से जुड़े सूत्रों ने कहा, ‘आज सुबह दिल का तेज दौरा पड़ने से उनका उपनगरीय अंधेरी स्थित अपने घर पर निधन हो गया. यह बहुत बड़ा सदमा है.’
अभिनेत्री शबाना आज़मी ने ट्वीट करके बताया है कि ओम पुरी के पार्थिव शरीर को मुंबई के कूपर हॉस्पिटल पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया है. इसके बाद तीन बजे उनके शरीर को उनके घर ‘त्रिशूल’ पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. इसके बाद आज शाम 6 बजे मुंबई के ओशिवारा में ओम पुरी का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
बॉलीवुड से हॉलीवुड तक, फीचर फिल्मों से लेकर गंभीर कलात्मक फिल्मों में कई बेहतरीन किरदार निभाने वाले मशहूर अभिनेता अपनी बहुमुखी अदाकारी के लिए पहचाने जाते थे. अभिनेता ने भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन और हॉलीवुड की अनेक फिल्मों में काम किया. ओमपुरी को 1990 में देश के चौथे सबसे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया था.
ओम पुरी ने कई व्यावसायिक फिल्मों में भी काम किया. वह हाल तक फिल्मों में सक्रिय रहे. ओम पुरी हिन्दी सिने जगत के साथ-साथ कई हॉलीवुड फिल्मों का भी हिस्सा रहे. उनकी गिनती समानांतर सिनेमा के प्रमुख कलाकारों में की जाती है. कई फिल्मी पुरस्कार हासिल कर चुके ओमपुरी को ‘आरोहण’ और ‘अर्ध सत्य’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है. उन्होंने ‘ईस्ट इज ईस्ट’ और ‘सिटी ऑफ जॉय’ जैसी अंग्रेजी फिल्में भी कीं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमपुरी के निधन पर शोक व्यक्त किया है और साथ ही थिएटर एवं फिल्मों में उनके लंबे योगदान को याद किया. अक्षय कुमार, करन जौहर, अनुपम खेर, जावेद अख्तर और महेश भट्ट सहित कई बॉलीवुड हस्तियों ने ओमपुरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति बताया.
हरियाणा के अंबाला में एक पंजाबी परिवार में जन्मे पुरी, पुणे के भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान से स्नातक थे. वर्ष 1973 में वह राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के छात्र भी रहे जहां अभिनेता नसीरूद्दीन शाह उनके सह-छात्र थे. ओमपुरी ने वर्ष 1976 में मराठी फिल्म ‘घासीराम कोतवाल’ के साथ फिल्म जगत में अपना पहला कदम रखा.
‘अर्ध सत्य’, ‘मिर्च मसाला’, ‘धारावी’, आक्रोश’, ‘माचिस’, ‘गुप्त’, ‘धूप’, ‘युवा’, ‘डॉन’ ‘अग्निपथ’, ‘बजरंगी भाईजान’ उनकी मशहूर फिल्मों में शुमार हैं.
‘माई सन द फैनेटिक’, ‘ईस्ट इज ईस्ट’, ‘द पैरोल ऑफिसर’ जैसी ब्रिटिश फिल्मों ने उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता दिलाई. ‘सिटी ऑफ जॉय’, ‘वुल्फ’, ‘द घोस्ट एंड द डार्कनेस’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में भी उन्होंने अपने अभिनय का जौहर दिखाया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की नितीश कुमार की तारीफ़
पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री और बिहार सरकार ने प्रकाश पर्व की अद्भूत तैयारी की है. मोदी ने इसके लिये नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया और कहा कि बिहार में शराबबंदी और नशामुक्ति लागू कर नीतीश कुमार ने एक इतिहास रच दिया है. बिहार की आनेवाली पीढ़ी को इससे लाभ होगा. मोदी ने भारत सरकार द्वारा प्रकाश पर्व के लिये किये गये प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रकाश पर्व की तैयारी को उन्होंने पर्सनली देखा है वह काबिले तारीफ है. मोदी ने शराबबंदी के लिये नीतीश की तारीफ करते हुए, अन्य राज्यों को भी इससे प्रेरणा लेने की बात कही. उन्होंने कहा कि मैं नीतीश सरकार और उनके साथियों के साथ बिहार के लोगों को बधाई देता हूं कि पटना में प्रकाश पर्व काफी मायने रखता है. उन्होंने कहा कि नीतीश जी ने जिस मेहनत के साथ स्वयं गांधी मैदान आकर हर चीज को बारीकी से देखा और भव्य योजना बनायी, उनके प्रयास सराहनीय हैं. प्रकाश सिंह बादल ने भी नीतीश कुमार के सफल आयोजन की खूब तारीफ की.
प्रांतीय क्रिकेट टूर्नामेंट 7 और 8 को नवगछिया में
प्रांतीय क्रिकेट टूर्नामेंट 7 और 8 को नवगछिया में
नवगछिया (नव-बिहार न्यूज नेटवर्क)। मारवाड़ी युवा मंच बिहार द्वारा आयोजित स्व0 हरीश चंद्र मिश्र मेमोरियल प्रांतीय क्रिकेट टूर्नामेंट नवगछिया में 7 और 8 जनवरी को इंटरस्तरीय उच्च विद्यालय नवगछिया में आयोजन किया जा रहा है। इस प्रांतीय क्रिकेट टूर्नामेंट में कुल 5 टीम हिस्सा ले रही है। जिसमें नवगछिया, भागलपुर, नाथनगर, झाझा, कटिहार की टीम शामिल होगी। यह टूर्नामेंट स्वर्गीय हरिशचंद्र मिश्र मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट के चेयरमैन जगदीश चंद्र मिश्र 'पप्पू जी', प्रांतीय अध्यक्ष आकाश अग्रवाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल वर्मा, प्रांतीय महामंत्री विकास खंडेलिया, प्रांतीय अध्यक्ष सह राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र वर्मा, प्रांतीय खेल संयोजक अजय वैध की मौजूदगी में संपन्न होगा।
मंगलवार, 1 मई 2012
बिहार के वकील करेंगे 2 मई को न्यायालय कार्यों का बहिष्कार
रविवार, 9 जनवरी 2011
नवलेश की गिरफ्तारी से उठ रहे कई सवाल
पूर्णिया सदर के भाजपा विधायक राजकिशोर केशरी हत्याकांड में पत्रकार नवलेश पाठक की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिस प्रकार उसकी गिरफ्तारी हुई उसने कई सवालों का जन्म दिया है।
मामले पर गौर करें तो दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि विधायक ने चाकू लगने के बाद रास्ते में अपने भतीजे को बताया था कि उन्होंने नवलेश को गाड़ी से भागते हुए देखा। यदि दर्ज प्राथमिकी को ही आधार माना जाय तो पुलिस घटना के समय नवलेश पाठक के मोबाइल का टावर लोकेशन से उसकी वास्तविक स्थिति जान सकती थी। इस मामले में दूसरा पेंच यह है विधायक के बयान को लेकर भी है। चिकित्सकों की राय में एबडोमिनल अरोटा नस के कटने के बाद कोई भी व्यक्ति पांच से सात मिनट जिंदा रह सकता है। यदि विधायक का एबडोमिनल अरोटा नस कट गया था तो क्या वो इतनी बात कहने की स्थिति में थे। यदि नवलेश ने ही रूपम पाठक को उकसा कर विधायक के आवास तक छोड़ा तो पुलिस ने गिरफ्तारी में इतनी विलंब क्यों की। पुलिस के अनुसार नवलेश विधायक और रूपम दोनों से ही लगातार बात करता रहा था। यहां यह सवाल उठता है कि क्या पत्रकार का किसी विधायक और किसी पीड़ित से बात करना साजिश और अपराध है। ऐसे कई सवाल हैं जो आम लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं।31 दिसम्बर को विपीन ठहरा था सिल्लीगुड़ी में
पूर्णिया के विधायक राजकिशोर केसरी के समर्थक विपीन राय ने साल के अंतिम दिन सिल्लीगुड़ी में बिताया था। मगर वहां वह किसके साथ ठहरा था यह सवाल बना हुआ है। विपीन के 31 दिसम्बर 2010 को सिल्लीगुड़ी में होने का खुलासा मोबाइल टावर लोकेशन से हुआ है। रूपम के मोबाइल प्रिंट आउट से इस बात का भी खुलासा किया है कि चार जनवरी को लगभग नौ बजे उसने विपीन राय के मोबाइल पर फोन किया। लेकिन विपीन राय ने रूपम पाठक के काल को रिसीव नहीं किया। विपीन राय की इसके पूर्व रूपम पाठक से कई बार फोन पर बात हुई है लेकिन उस दिन विपीन राय द्वारा रूपम पाठक का मोबाइल फोन नहीं उठाना महज एक इत्तेफाक है या साजिश यह एक सवाल बना हुआ है। कहीं विपीन राय रूपम पाठक के मिजाज को भांप तो नहीं गया था? अक्सर विधायक के आवास पर जाने वाला विपीन राय चार जनवरी को भी घटना के वक्त विधायक आवास पर मौजूद नहीं था? जबकि पूर्णिया में रहने के बाद वह अक्सर विधायक के आवास पर वह भी सुबह के वक्त जरूर रहा करता था। रूपम पाठक ने भी पुलिस को पूछताछ में बताया कि उसके निशाने पर मुख्य रूप से विधायक का सहयोगी विपीन राय था। उसको फोन कर अपने घर बुलाने तथा इसके बाद विधायक आवास पर उसे खोजने के बाद ही उसने विधायक की चाकू मारकर हत्या की। रूपम यह भी दावा कर रही है कि विपीन राय ने ही उसकी जिंदगी को बर्बाद कर दिया। वह जब कभी भी उससे मिलने के लिये आता था अपने साथ किसी न किसी नये आदमी को साथ लाता था। हम चाहकर भी उसका विरोध नहीं कर पाते थे। कुछ भी कहने के बाद वह हमें पूरी तरह से बदनाम करने की धमकी दिया करता था। रूपम ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया है कि उसके द्वारा यौन- शोषण का मामला दर्ज कराये जाने के बाद उसके ऊपर काफी दवाब डाला गया। सामाजिक स्तर पर हो रही बदनामी और अपने परिवार की चिंता को देखते हुए हमने मामला वापस ले लिया लेकिन इसके बाद तो विपीन राय द्वारा परेशान करने की सारी हदें पार कर दी गयी। रूपम कहती है कि वह इस कदर टूट चुकी थी की उसे आगे कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था। रूपम ने पुलिस को बताया कि विपीन अक्सर उसपर गलत दवाब डालकर कई गलत कार्य करने के लिये मजबूर करता था।
शनिवार, 8 जनवरी 2011
दो माह में रूपम के खाते में जमा हुए सात लाख
अब तक नहीं सुलझी विधायक हत्याकांड की पहेली
लवली आंनद ने जेल में बंद रूपम से मिलने की मांगी अनुमति
विधायक हत्याकांड की हो सीबीआई जांच : सांसद
पूर्णिया। सदर के भाजपा विधायक राजकिशोर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग सांसद ने उठायी है। सांसद उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने सीबीआई जांच की मांग के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सिफारिश करने की मांग की है। सांसद ने अपने पत्र में पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा है कि इस मामले की गहनता से जांच की आवश्यकता है। रूपम पाठक द्वारा पूर्व में प्राथमिकी दर्ज करवायी गयी। इसके बाद उसने 164 का बयान देकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। विधानसभा चुनाव में इस पूरे मामले के बारे में उन्होंने कुछ नहीं सुना लेकिन अचानक से विधायक की हत्या ने अचंभित कर दिया। सांसद ने कहा है कि इस हत्याकांड को लेकर विपक्ष अपनी राजनीति कर रहा है और मीडिया व जनता के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष द्वारा कई प्रकार के अनर्गल आरोप लगाया जा रहा है। ऐसे में इस मामले की जांच सीबीआई से करवाने की आवश्यकता जान पड़ती है।
सीबीआई जांच में खुलेगा राज, कई चेहरे होंगे बेनकाब
पूर्णिया। सदर विधायक हत्याकांड की सीबीआई जांच से कई राज खुलेंगे और कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब होंगे। जांच में यह राज भी खुलेगा कि आखिर किन परिस्थितियों में रूपम ने यह आत्मघाती कदम उठाया। दूसरी ओर सीबीआई जांच की घोषणा होते ही शहर का राजनीतिक तापक्रम अचानक ही बढ़ गया है।
जानकारी अनुसार विधायक राजकिशोर केसरी हत्याकांड की जांच सीबीआई से करवाने की सरकार ने घोषणा कर दी है। इस घोषणा के साथ ही इस मामले के रहस्य पर से पर्दा उठने की उम्मीद भी बंध गयी है। इस हत्याकांड ने कई सवालों को जन्म दिया था। इन सवालों का कोई जबाव नहीं मिल पा रहा था। रूपम पाठक, विपिन राय और नवलेश पाठक सहित पुलिस की खामोशी से कई सवाल पैदा हो रहे थे। मसलन जब रूपम पाठक ने यौन शोषण का मामला दर्ज करवाया था तो फिर आखिर किस दबाव में सीजेएम के सामने धारा 164 के बयान में वो क्यों मुकर गयी। यदि उस पर दवाब नहीं था तो आखिर क्यों उसने प्रोटेस्ट पीटिशन कोर्ट में दाखिल किया। यौन शोषण यदि इतने सालों से चल रहा था तो आखिर चार जनवरी को ही विधायक की हत्या क्यों हो गयी। इसका तात्कालिक कारण क्या था। वहीं नवलेश पाठक की गिरफ्तारी ने भी कई सवालों को जन्म दिया। पत्रकार नवलेश को सिर्फ को साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार करने की बात पुलिस कहती रही। लेकिन सिर्फ इसलिए कि वो रूपम पाठक और विधायक के संपर्क में था और उनसे मोबाइल पर बात किया करता था। इस हत्याकांड में कई लोगों के पर्दे के पीछे होने की बात सामने की चर्चा आम जुबान पर रही है। इसमें पूर्णिया से लेकर पटना के बड़े लोगों की चर्चा होती रही है। सीबीआई जांच में इन बातों पर से भी पर्दा उठने की संभावना बनी है। जैसे-जैसे सीबीआई की जांच आगे बढ़ेगी वैसे-वैसे कई चेहरे पर से नकाब उठने के कयास लगाये जा रहे हैं।